पांचवा आयाम ( जसबीर /सच कीरत) अयोध्या:रामनगरी एक बार फिर आस्था, प्रकाश और आध्यात्मिक उल्लास के विराट पर्व की साक्षी बनने जा रही है। दीपोत्सव से लेकर चौदहकोसी-पंचकोसी परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा स्नान तक लाखों श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना के बीच जिला प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। प्रशासन का संकल्प है कि राम की नगरी में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से सुरक्षा, सुविधा और भक्ति की सुखद अनुभूति लेकर लौटे।जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु हमारे लिए अतिथि ही नहीं, बल्कि रामनगरी की आस्था का हिस्सा है। दीपोत्सव और मेलों के दौरान स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, चिकित्सा, शौचालय, विश्राम तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। सभी विभाग अपने दायित्वों को समय से पूरा करें और ऐसी व्यवस्था बनाएं कि श्रद्धालुओं को भीड़ के बीच भी सहजता और अपनत्व का अनुभव हो। रामनगरी की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि आस्था के इन विराट आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। मंदिरों, घाटों, परिक्रमा मार्ग और भीड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा। सीसीटीवी, पुलिस बल, जल पुलिस, अग्निशमन और निगरानी तंत्र के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रहेगी। यातायात व्यवस्था ऐसी बनाई जाएगी कि श्रद्धालुओं की आस्था की यात्रा सुगम रहे और रामनगरी आने वाला हर व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी एवं नगर पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकार त्रिपाठी द्वारा संयुक्त रूप से समन्वय बनाकरकहा कि परिक्रमा और मेले में ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं, इसलिए ग्रामीण मार्गों से लेकर मेला क्षेत्र तक सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था रहेगी। प्रमुख चौराहों, मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ लगातार निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा न आए और आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंच सके, इसके लिए पुलिस एवं यातायात टीमों में बेहतर समन्वय रखा जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि श्रद्धा की इस यात्रा में सुरक्षा कहीं बाधा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा बने।5 से 8 नवंबर तक दीपोत्सव के प्रमुख आयोजन होंगे। साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा एवं झांकियां निकलेंगी। रामकथा पार्क, सरयू आरती स्थल और राम की पैड़ी सहित प्रमुख स्थलों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दीपों, पुष्पों और रोशनी से सजे घाट रामनगरी की आध्यात्मिक आभा को और भव्य बनाएंगे।इसके बाद 18 नवंबर को चौदहकोसी परिक्रमा, 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा और 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान होगा। परिक्रमा मार्गों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सफाई, पेयजल, प्रकाश, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। अतिरिक्त बसों, पार्किंग, बैरियर, सीसीटीवी और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था भी की जाएगी।अयोध्या के ये आयोजन केवल कैलेंडर की तारीखें नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और रामनगरी की जीवंत आध्यात्मिक परंपरा के पर्व हैं। प्रशासन इसी भावना के साथ तैयारियों को आकार दे रहा है, ताकि दीपों की रोशनी में अयोध्या की भव्यता और श्रद्धालुओं के मन में सुरक्षा व विश्वास की लौ एक साथ प्रज्वलित हो।







