पांचवा आयाम (जसबीर/सच कीरत सिंह) अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले संवेदनशील परिसर में अचानक आग लगने की स्थिति में किस तरह तत्काल सूचना, बचाव और राहत कार्य शुरू किया जाए, इसका कर्मचारियों ने व्यावहारिक अभ्यास किया।कोचिंग डिपो अधिकारी अयोध्या कैंट की ओर से आयोजित प्रशिक्षण में रेलवे सुरक्षा बल, ऑपरेटिंग विभाग, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक स्टाफ समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही संचालन, आग के शुरुआती चरण में बचाव उपायों और आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल अयोध्या कैंट की ओर से प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार शाही के दिशा-निर्देशन में स्टेशन परिसर में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल कराई गई। अभ्यास के दौरान आग लगने जैसी स्थिति का परिदृश्य तैयार कर संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखा गया।एसआई रचना यादव और एएसआई डीपी सिंह के कुशल संचालन में हुई मॉक ड्रिल में जीआरपी अयोध्या कैंट, कोचिंग डिपो स्टाफ, ऑपरेटिंग स्टाफ और मेडिकल विभाग के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। अभ्यास में आग की सूचना मिलने के बाद तत्काल प्रतिक्रिया, यात्रियों की सुरक्षा, बचाव कार्य शुरू करने, फायर उपकरणों के इस्तेमाल और संबंधित विभागों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया को देखा गया।मॉक ड्रिल के दौरान यह भी परखा गया कि किसी आपात स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, ऑपरेटिंग, मेडिकल और कोचिंग डिपो के कर्मचारी कितनी तेजी से एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर सकते हैं। इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में घबराहट के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार शाही ने कहा कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल बेहद जरूरी है। आपात स्थिति में कुछ ही मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को फायर उपकरणों के इस्तेमाल, बचाव प्रक्रिया और आपसी समन्वय की लगातार जानकारी रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से कर्मचारियों की तत्परता बढ़ती है और किसी भी आकस्मिक घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलती है।मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के साथ रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित विभागों ने सतर्कता, सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया की अपनी तैयारियों को परखा। स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की क्षमता को और मजबूत करने का संदेश भी इस अभ्यास से मिला।







