नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों के बाद देश की सर्वोच्च अदालत में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी, जो स्वीकृत संख्या 38 के बेहद करीब है।
नए नियुक्त न्यायाधीशों में विभिन्न उच्च न्यायालयों के वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल हैं। सरकार की मंजूरी के बाद जल्द ही उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी और वे पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए जजों की नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक कार्यों की क्षमता में वृद्धि होगी। वर्तमान में देश की सर्वोच्च अदालत में लाखों नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई चल रही है।
सरकार और न्यायपालिका दोनों का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और मामलों के शीघ्र निपटारे को सुनिश्चित करना है। नए न्यायाधीशों के शामिल होने से सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न संवैधानिक, नागरिक और आपराधिक मामलों की सुनवाई को गति मिलने की उम्मीद है।







