( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या
सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता को नई धार देने के उद्देश्य से परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग इंस्टीट्यूट (डी.टी.टी.आई.) एवं संभागीय परिवहन कार्यालय, अयोध्या का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी अनुपालन, प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति पर विशेष जोर दिया गया।
डी.टी.टी.आई., अयोध्या में सड़क सुरक्षा एवं प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे गंभीर यातायात उल्लंघनों में चालानित वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा-19 के तहत नोटिस जारी कर पुनः प्रशिक्षण (री-ट्रेनिंग) उपलब्ध कराया जाए। उद्देश्य यह है कि वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित हो तथा दुर्घटनाओं की संभावनाओं में कमी लाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान टेस्टिंग ट्रैक एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया गया। परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा हरित एवं स्वच्छ परिसर के विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इसके उपरांत संभागीय परिवहन कार्यालय, अयोध्या में अभिलेखों एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की समीक्षा की गई। कार्यालयीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीक-संचालित बनाने पर बल देते हुए कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रणाली के प्रभावी उपयोग, तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बाद में आयुक्त, अयोध्या मंडल सभागार में अयोध्या एवं बस्ती मंडल के परिवहन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान ओवरस्पीडिंग, ड्रंकन ड्राइविंग, बिना हेलमेट वाहन संचालन एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी प्रवर्तन अभियान एवं नियमित जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर विशेष बल दिया गया।
परिवहन आयुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता है। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, अनुशासन और प्रभावी अनुपालन से ही सुरक्षित सड़कों और दुर्घटना-मुक्त परिवेश का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।







