बरवाला, 15 जून : – खण्ड रायपुर रानी के ग्रामीण आंचल में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सोमवार को ग्राम गोबिंदपुर में एक किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर ‘खेत बचाओ अभियान’ एवं ’12 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित व्यापक प्रचार अभियान के तहत आयोजित किया गया जिसमें कृषि विभाग, बागवानी विभाग और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र पंचकूला ने संयुक्त रूप से अपनी भागीदारी दर्ज की।शिविर में क्षेत्र के अनेक किसानों ने भाग लिया, जिन्हें वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा खेती की उन्नत विधाओं से अवगत कराया गया।’खेत बचाओ अभियान’ के तहत कृषि विशेषज्ञों ने मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बनाए रखने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष बल दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को पराली न जलाने, फसल विविधीकरण अपनाने और जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर 12 वर्षों की बेमिसाल उपलब्धियों का जिक्र किया गया, जिसमें पिछले 12 वर्षों में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास और सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कैसे बीते एक दशक से अधिक समय में सब्सिडी, आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता, और ‘ड्रिप इरिगेशन’ (टपक सिंचाई) जैसी तकनीकों ने किसानों की आय दोगुनी करने में मदद की है। बागवानी विभाग के अधिकारियों ने किसानों को पारंपरिक फसलों के स्थान पर फल, सब्जियां और फूलों की खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने पॉलीहाउस और नेटहाउस पर मिलने वाले सरकारी अनुदानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें।शिविर के अंतिम सत्र में एक ‘प्रश्नकाल’ का आयोजन किया गया जहां गोबिंदपुर और आसपास के गांवों से आए किसानों ने फसलों में लगने वाली बीमारियों, कीट प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के लाभ उठाने की प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे। कृषि विशेषज्ञों ने मौके पर ही किसानों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान बताया।







