पंचकूला (नेहा पांडेय ):पंचकूला, भाजपा जिला मुख्यालय पंचकमल में आगामी 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने की तैयारियों को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य सभा सांसद रेखा शर्मा, संजय भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवर पल गुर्जर, असीम गोयल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, मलिक रोज़ी आनंद, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल सहित तमाम पार्टी नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है। इसी दिन देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन किया गया था। उन्होंने कहा, आपातकाल के दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया। यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की मर्यादा पर गंभीर प्रहार थी।अपने सम्बोधन में सांसद संजय भाटिया ने कहा कि संविधान हत्या दिवस उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर होगा, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उनके संघर्ष के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हो सकी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है ताकि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति जागरूकता बनी रहे।पूर्व कैबिनेट मंत्री असीम गोयल ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की शक्ति जनता की स्वतंत्रता, संविधान के प्रति सम्मान और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं में निहित है। असीम गोयल ने बताया कि हर साल 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल की याद दिलाता है और उन सभी लोगों के संघर्ष व बलिदान को सम्मानित करता है जिन्होंने इस दौरान अमानवीय यातनाएं झेली थीं।







