पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह),अयोध्या
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण हाइब्रिड बैठक में छात्रों के हितों से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। कुलपति ने स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के बीच बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कुलपति ने प्रवेश प्रक्रिया, नामांकन और शैक्षणिक कैलेंडर का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने का निर्णय लिया गया। सभी संबद्ध महाविद्यालयों को इसमें सक्रिय भागीदारी करने तथा कार्यक्रम के तुरंत बाद अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कुलपति ने कहा कि सभी प्रायोगिक परीक्षाएं शीघ्र पूरी कर उनके अंक समयबद्ध तरीके से विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि परीक्षा परिणाम बिना विलंब घोषित हो सकें और छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रवेश और छात्र विवरण में केवल स्वीकृत सीटों के अनुरूप ही आंकड़े दर्ज किए जाएं। विश्वविद्यालय की ऑनलाइन सेवाओं, ई-गवर्नेंस प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
छात्रों की सुरक्षा और समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए एंटी-रैगिंग, लैंगिक संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट, स्टार्टअप, उद्योग-संस्थान सहयोग, शोध, नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे क्षेत्रों में महाविद्यालयों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय और सभी संबद्ध महाविद्यालयों का दायित्व है कि शासन एवं विश्वविद्यालय के प्रत्येक निर्देश का समयबद्ध और अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। हमारा संकल्प है कि प्रत्येक छात्र को बेहतर शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिले।
बैठक में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने सुझाव और समस्याएं रखीं, जिनके त्वरित समाधान पर भी चर्चा की गई। बैठक में वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, विभिन्न डीन, विभागाध्यक्ष तथा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से शामिल हुए।







