पंचकूला के गांव मौली में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी सहारा, विधवा परिवार को दूसरी बार मिली मदद

(ललित)

पंचकूला(ललित): (मौली)। आज के दौर में जहां महंगाई और आर्थिक चुनौतियां गरीब परिवारों के लिए जीवनयापन को कठिन बना रही हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा चलाया जा रहा अन्नपूर्णा मुहिम अभियान जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण बन रहा है। इसी कड़ी में पंचकूला के गांव मौली में एक जरूरतमंद परिवार को दूसरी बार राशन सामग्री उपलब्ध कराकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की गई।जानकारी के अनुसार गांव मौली निवासी रजनी देवी (39 वर्ष) के पति निर्मल सिंह का लगभग छह महीने पहले हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी रजनी देवी के कंधों पर आ गई। परिवार में उनकी तीन नाबालिग बेटियां हैं और घर में कमाने वाला कोई सदस्य नहीं है। ऐसे में परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और बड़ी मुश्किल से अपना गुजारा कर पा रहा है।रजनी देवी की बड़ी बेटी मानसी (15 वर्ष) आर्थिक तंगी के कारण नौवीं कक्षा की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो गई। दूसरी बेटी मुस्कान (12 वर्ष) सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ रही है, जबकि सबसे छोटी बेटी आंचल (10 वर्ष) पांचवीं कक्षा की छात्रा है। परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी कठिन हो गया है। रजनी देवी ने विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन अभी तक पेंशन शुरू नहीं हो पाई है।जब संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों को परिवार की स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार तक सहायता पहुंचाई। इस दौरान परिवार को 25 किलो आटा, 5 किलो आलू, 5 किलो प्याज, 5 किलो चीनी, खाद्य तेल, साबुन, मसाले तथा अन्य आवश्यक घरेलू राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई।संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने बताया कि यह परिवार को दी जा रही दूसरी राशन सहायता है। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट संदेश है कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सेवा ही सच्ची मानवता है। इसी भावना के तहत यह सहायता कार्य लगातार जारी रहेगा।अनुयायियों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज ने कहा है कि जब तक यह परिवार अपने पैरों पर खड़ा होकर स्वयं आजीविका कमाने में सक्षम नहीं हो जाता, तब तक सतलोक आश्रम इस परिवार की सहायता और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।इस मानवीय पहल की स्थानीय ग्रामीणों ने भी सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों में संबल प्रदान करते हैं। ग्रामीणों ने इसे मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का यह अभियान न केवल भूख मिटाने का कार्य कर रहा है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत बना रहा है।

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