पांचवा आयाम ( जसबीर/सच कीरत सिंह) अयोध्या:राष्ट्रीय व्यापारी सेना द्वारा स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर “देश की आजादी में व्यापारियों की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक दुबे ने देशवासियों एवं व्यापारी समाज को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए वीर शहीदों और महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
दीपक दुबे ने कहा कि देश की स्वतंत्रता केवल रणभूमि में लड़े गए संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे उन व्यापारियों का भी त्याग और सहयोग रहा, जिन्होंने क्रांतिकारियों को आर्थिक एवं वैचारिक समर्थन दिया। व्यापारियों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा दिया और स्वतंत्रता आंदोलन के लिए खुले मन से आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने जी.डी. बिड़ला, पुरुषोत्तम दास ठाकुरदास, लाला कमलापति सिंघानिया तथा स्वदेशी उद्योगों से जुड़े व्यापारिक वर्ग के योगदान को याद किया।दीपक दुबे ने कहा कि व्यापारी समाज की एकता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इतिहास गवाह है कि जब व्यापारी एकजुट होकर खड़े हुए हैं, तब बड़े से बड़ा संघर्ष जीता गया है। आज भी व्यापारी एक रहेंगे तो उनकी आवाज मजबूत होगी और संगठन की शक्ति का लाभ समाज के हर व्यापारी तक पहुंचेगा। व्यापारी हितों की रक्षा के लिए आपसी एकता, सहयोग और संगठन को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मेहनत केवल कारोबार तक सीमित नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास की मजबूत आधारशिला है। संगठित व्यापारी समाज अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम में वरिष्ठ व्यापारी नेता उमाकांत तिवारी ने संगठन विस्तार पर चर्चा करते हुए पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। संगठन के संरक्षक नौमीलाल गुप्ता, प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव अजीत प्रताप यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश वासवानी, शिवराम तिवारी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौरसिया, संयोजक सरदार जसवीर सिंह, विधिक सलाहकार अमिताभ श्रीवास्तव, दिनेश मिश्रापवन गौतम, विशाल मालवीय, नीरज पाठक, परमजीत कौर, परमिंदर कौर, लक्ष्मी सिंह सहित अन्य व्यापारियों ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन संगठन के प्रवक्ता बृजेन्द्र दुबे ने किया, जबकि संयोजन जिला उपाध्यक्ष अमित यादव ने किया। संगोष्ठी में स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान को स्मरण करते हुए व्यापारी एकता, संगठन विस्तार और व्यापारी हितों के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प लिया गया।








