पंचकूला (नेहा पांडेय ):पंचकूला, : कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचकूला द्वारा खेत बचाओं अभियान के तहत गांव भोगपुर मोरनी में प्राकृतिक खेती जागरूकता के लिए किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक मुख्यातिथि रहे।उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती के फायदों के बारे में अवगत करवाया और इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि, कृषि लागत में कमी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का गठन कर प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसान संगठित होकर खेती से जुडे संसाधानों का बेहतर उपयोग कर सकते है तथा अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। एफपीओ के माध्यम से किसान प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा विपणन सुविधाओं का लाभ उठा सकते है।राजनारायण कौशिक ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हों। रासायनिक खेती के दुष्परिणाम आज समाज के सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। कीटनाशकों एवं रासायनिक तत्वों के अवशेष खाद्य पदार्थों के माध्यम से मानव शरीर तक पहुंच रहे हैं, जिसका दुष्प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है।उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी भूमि की उर्वरता, जल स्रोतों, पर्यावरण तथा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाएं और स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है बल्कि किसानों की आय बढ़ाने तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने और उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने किसानों से विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ प्रदीप मील, उपनिदेशक डाॅ राकेश पोरिया, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी श्री राहुल बारकोडिया, ग्राम सरपंच सहित ग्रामीण व किसान उपस्थित रहे।







