डीए के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी सरकार

चंडीगढ़ (तानिया रोहिल्ला)। पंजाब सरकार तथा राज्य के कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ गया है। रविवार को पंजाब के लुधियाना में कई घंटे की बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने जहां पंजाब सरकार के विरूद्ध संघर्ष तेज करने का ऐलान कर दिया वहीं पंजाब सरकार ने भी हड़ताली मुलाजिमों के आगे झुकने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट के डीए देने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। इससे पहले हड़ताली मुलाजिम भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर चुके हैं।पंजाब के कर्मचारी डीए के मामले में हाईकोर्ट में सिंगल और डबल बैंच पर केस जीत चुके हैं। रविवार को लुधियाना में हुई मीटिंग में मुलाजिमों के सांझा मुलाजम मंच ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि मुलाजिमों पर कार्रवाई की चिट्ठी 7 सितंबर तक वापस लिया जाए। 6 सितंबर को जिला लेवल पर मीटिंग करने का फ़ैसला किया गया, जिसके बाद 8 सितंबर को पूरे राज्य में सामूहिक छुट्टी होगी। 12 और 13 सितंबर को कर्मचारी मंत्रियों के घरों के बाहर प्रदर्शन करेंगे। 10 अक्टूबर को संगरूर में एक बड़ी रैली भी तय की गई है। कर्मचारी 21 और 22 अक्टूबर को फिर से सामूहिक कैज़ुअल लीव पर जाएंगे।मुलाजिम संगठनों ने एक मुहिम का भी ऐलान किया। इस मुहिम का नाम ‘मुख्यमंत्री की चंडीगढ़ सचिवालय से गांव सतोज की वापसी’ रखा है। संगठनों का कहना है कि इस मुहिम के जरिए मुख्यमंत्री को चंडीगढ़ सचिवालय से वापस उनके गांव सतोज भेजना है। मांगों को लेकर यह मुहिम लगातार जारी रहेगी।
कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुखचैन सिंह खैहरा व अन्य नेताओं ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री पर एक फिल्म आ रही है। सरकार कह रही है कि इस फिल्म को देखें। हम निवेदन करते हैं कि ये फिल्म ना देखी जाए। इस फिल्म का हम बॉयकॉट करते है।कर्मचारी नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ में मुलाजिम विधानसभा लगाई जाएगी। जहां 117 विधायकों और 13 लोकसभा के सदस्यों को निमंत्रण देंगे। उनकी कुर्सियां लगाई जाएंगी। उनसे मुलाजिमों और पेंशनरों की मांगों को लेकर सवाल किए जाएंगे।इसके अलावा सांझी तालमेल कमेटी ने फैसला लिया है कि संयुक्त किसान मोर्चे से संबंधित जत्थेबंदियों की ओर से विदेशी ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में 1 से 7 सितंबर तक चंडीगढ़ में लगाए जा रहे मोर्चे में मुलाजिम संगठन भी शामिल होंगे। यह लड़ाई का बिगुल है।उन्होंने कहा कि आज सेंकड़ों जत्थेबंदियां पहुंचीं। 40 जत्थेबंदियां ऐसी हैं जो किसी के साथ संबंधित नहीं है। वह लोग भी आए हैं, जिनका हम स्वागत करते हैं। कुल हम 9 मांगों पर लड़ाई लड़ रहे हैं। बड़ी संख्या में शोकॉज नोटिस भी जारी हुए है। एक पत्र जरूर जारी हुआ है, लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कोई उस बारे जानकारी नहीं दे रहा। हम उस चि_ी को वापस लेने की बात कह रहे है, अन्यथा हड़ताल मुकम्मल रखी जाएगी।

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