पंचकूला : उपायुक्त सतपाल शर्मा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा देशभर में वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पंचकूला जिले में भी सेक्टर-16 स्थित डिस्पेंसरी के निकट वन स्टॉप सेंटर का 24×7 सफलतापूर्वक एवं सुचारु संचालन किया जा रहा है। उन्होंने जिले की महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि वे आवश्यकता पड़ने पर वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।उन्होंने बताया कि यदि कोई महिला हिंसा, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, शारीरिक शोषण, प्रताड़ना अथवा किसी अन्य प्रकार की संकटपूर्ण परिस्थिति का सामना कर रही है, तो वह वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से आपातकालीन पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, चिकित्सा सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकती है। पीड़ित महिला स्वयं सीधे वन स्टॉप सेंटर पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त, वह टोल-फ्री महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सहायता नंबर 112 पर कॉल करके अथवा अन्य माध्यमों से भी वन स्टॉप सेंटर की सेवाएं प्राप्त कर सकती है।उपायुक्त ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं की काउंसलिंग एवं मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिकल) काउंसलिंग की जाती है, जिससे वे मानसिक रूप से सशक्त होकर अपनी समस्याओं का सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी पीड़ित महिला के पास रहने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है, तो वन स्टॉप सेंटर में पाँच दिनों तक निःशुल्क अस्थायी आश्रय (शेल्टर) की सुविधा ले सकती है,उन्होंने जिले की महिलाओं एवं आम नागरिकों से आग्रह किया कि यदि किसी महिला या बालिका के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या अन्याय की घटना घटित होती है, तो बिना किसी संकोच के वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पीड़ित महिला को समय पर सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।









