पंचकूला (नेहा पांडेय ):पंचकूला/ साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लंबित मामलों के तेज निपटान को लेकर पंचकूला पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह द्वारा साइबर थाना प्रभारी एवं जांच अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें वर्ष 2024, 2025 और 2026 से लंबित साइबर शिकायतों एवं पुराने मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए थे।डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश थे कि साइबर अपराध से जुड़े प्रत्येक मामले में तेजी, तकनीकी दक्षता और पीड़ितों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी अभियान के तहत पुलिस ने लंबित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1476 साइबर शिकायतों का निपटान करने में सफलता हासिल की है। इन मामलों में साइबर पीड़ितों से संपर्क कर तथ्यों का सत्यापन किया गया तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।इसके साथ ही कई पुराने मामलों की बंद फाइलों को दोबारा खोला गया है ताकि फरार चल रहे आरोपियों तक पहुंच बनाई जा सके। गठित पुलिस टीमें वर्तमान में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और हैदराबाद सहित विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश और रेड कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल मामलों का निपटान करना नहीं बल्कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें कानून के दायरे में लाना भी है।डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि बीते दिनों भी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए लगभग दो वर्ष पुराने साइबर मामले में फरार चल रहे आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में पुराने मामलों में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी देखने को मिलेगी और इस दिशा में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है बल्कि आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए भी लगातार अभियान चला रही है। विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचकर उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, डिजिटल फ्रॉड और साइबर सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूक किया जा रहा है ताकि साइबर अपराधों को जड़ से कम किया जा सके।







