चंडीगढ़ (तानिया रोहिल्ला) : एचआईवी/एड्स के खिलाफ अपनी लड़ाई में हरियाणा ने एक बड़ी सफलता दर्ज की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.सुमिता मिश्रा ने आज यहां बताया कि राज्य ने कुछ ही महीनों के भीतर वैश्विक 95-95-95 लक्ष्यों पर अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है और देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में उभरकर सामने आया है।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन का विवरण देते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने आक्रामक मरीज ट्रैकिंग, लक्षित हस्तक्षेप,विस्तारित जांच, इलाज में निरंतरता और एक अभूतपूर्व राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह अभियान विशेष रूप से युवाओं और संवेदनशील समुदायों पर केंद्रित है। जनवरी 2026 में राज्य पहले 95 लक्ष्य में 85.2 प्रतिशत और दूसरे 95 लक्ष्य में 83.7 प्रतिशत पर था, जो अब बढक़र क्रमश: 93.2 प्रतिशत और 90.9 प्रतिशत हो गया है। वहीं, 95.8 प्रतिशत वायरल सप्रेशन (वायरल लोड में कमी) के साथ राज्य तीसरे लक्ष्य को पहले ही पार कर चुका है। जिला स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी, पंचकुला और यमुनानगर ने निदान, उपचार और वायरल सप्रेशन के प्रमुख परिचालन लक्ष्यों में ‘सुरक्षित’ का पूर्ण लक्ष्य दर्जा प्राप्त कर लिया है। अंबाला, जींद, पलवल, फरीदाबाद, रेवाड़ी और सोनीपत सहित कई अन्य जिलों ने महत्वपूर्ण उपचार लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और वे ‘सक्षम’ जिलों के रूप में पूर्ण लक्ष्य दर्जे की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने अपने एकीकृत परामर्श और जांच केंद्रों , एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी केंद्रों और सुरक्षा क्लीनिकों के नेटवर्क को भी मजबूत किया है, जो पूरे राज्य में मुफ्त एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार सहायता और वायरल लोड निगरानी प्रदान कर रहे हैं।







