अयोध्या(जसबीर/सच कीरत सिंह)ऑपरेशन साइबर ब्रज के तहत अयोध्या पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी रुदौली एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक मवई के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने PLAYERS77.COM वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन गेमिंग व ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान साइबर ठगी से जुड़े खातों में कुल 63 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त अकील अहमद उर्फ उर्फी (अयोध्या) और अमन खान (उन्नाव) कॉल सेंटर संचालित कर व्हाट्सएप व फोन कॉल के माध्यम से लोगों को गेमिंग में निवेश का झांसा देकर ठगी करते थे। गेम में पैसा लगाने के बाद टैक्स, सर्विस चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर और धनराशि वसूलकर लोगों से साइबर धोखाधड़ी की जाती थी।छापेमारी के दौरान पुलिस ने 6 एंड्रॉयड मोबाइल, एक टैबलेट, चार्जर व डेटा केबल बरामद किए। जांच में करीब 11 हजार गेमिंग आईडी, पासवर्ड, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट मिले हैं। आरोपी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 6 लाख रुपये तथा एक संदिग्ध एचडीएफसी बैंक खाते में 57 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। गिरोह का एक अन्य सदस्य सुफियान फरार है, जिसकी तलाश जारी है।अधिकारियों के बयानवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा—साइबर अपराध करने वालों के खिलाफ अयोध्या पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम जनता के साथ ऑनलाइन ठगी करने वालेकिसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।”पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने कहा—”ग्रामीण क्षेत्रों तक फैले साइबर नेटवर्क पर पुलिस की पैनी नजर है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम ने कहा—ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर आने वाले प्रलोभनों से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध वेबसाइट, लिंक या कॉल की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा स्थानीय पुलिस को दें।”
थाना मवई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मवई एवं संयुक्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







