कालका। कालका के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने कहा कि कालका जैसे बड़े कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी आबादी सरकारी अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने के कारण अधिकांश मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आम और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए बार-बार दूसरे शहरों में इलाज कराना आसान नहीं होता। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि कालका अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर, आवश्यक उपकरण और उपचार की सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को बेहतर इलाज अपने क्षेत्र में ही मिल सके।
प्रदीप चौधरी ने हाल ही में अस्पताल से जुड़ी वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि जब लोगों को अपनी समस्याएं बताने के लिए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ रहा है तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में बच्चों के उपचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को पूरे मामले की जांच कराकर आवश्यक सुधार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब आश्वासनों से नहीं, बल्कि अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और जमीन पर दिखाई देने वाले बदलाव चाहती है। अंत में चौधरी ने कहा कि वैसे तो सरकार को अस्पताल को अपग्रेड करना चाहिए लेकिन अब तो स्थिति यह होगी कि जैसा भी अस्पताल है उसमें तो सुविधा देने का काम करें।







