डायबिटीज के लिए क्यों लोग बासी चावल प्रयोग कर रहे हैं ?डॉ अर्चिता महाजन*

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डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि बासी चावल में रेजिस्टेंस स्टार्च और प्रोबायोटिक्स बढ़ जाते हैं, जो पाचन, आंतों के स्वास्थ्य और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत फायदेमंद हैं। इसलिए यदि बासी चावल खाने का प्रोग्राम है तो पूरे प्रोटोकॉल को फॉलो करें सुनी सुनाई बातों पर अमल न करें। हालांकि, गलत तरीके से रखे गए बासी चावल में ‘बैसिलस सेरेस’ बैक्टीरिया पनप सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी और डायरिया का गंभीर खतरा हो सकता है。बासी चावल खाने के फायदेब्लड शुगर नियंत्रण: पकाने के बाद ठंडे होने पर चावल में ‘रेजिस्टेंस स्टार्च’ बनता है, जो ब्लड शुगर लेवल को धीरे-धीरे बढ़ने देता है और डायबिटीज में मदद करता है。बेहतर पाचन और प्रोबायोटिक्स: रातभर पानी में भीगे हुए (किण्वित/फर्मेंटेड) चावल में अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) पनपते हैं, जो पेट को ठंडक देते हैं और एसिडिटी, गैस व कब्ज से राहत दिलाते हैं。दिनभर ऊर्जा: कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने के कारण यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखता है。बासी चावल खाने के नुकसानफूड पॉइजनिंग (बैक्टीरियल संक्रमण): कच्चे चावलों में बैसिलस सेरेस (Bacillus cereus) के स्पोर्स होते हैं, जो पकने के बाद भी जीवित रह सकते हैं। अगर चावल कमरे के तापमान पर रखे जाते हैं, तो यह बैक्टीरिया तेजी से जहरीले तत्व (टॉक्सिन) पैदा करता है जिसे दोबारा गर्म करने से भी खत्म नहीं किया जा सकता。पेट की समस्याएं: बासी चावल खाने से कुछ लोगों में पेट दर्द, डायरिया, जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं。सावधानी और सही तरीकाकमरे के तापमान पर चावल को 2 घंटे से ज्यादा न छोड़ें。चावल को तुरंत फ्रिज में ठंडा करके सुरक्षित रखें बचे हुए चावलों को खाने से पहले अच्छी तरह से भाप में या माइक्रोवेव में ७४ डिग्री सेल्सियस (74° C) तक गर्म करें।बासी चावल को केवल एक ही बार दोबारा गर्म करना सुरक्षित होता है।बैक्टीरिया और फंगस का खतरा
बासी चावल में बैक्टीरिया (जैसे Bacillus cereus) और फंगस पनप सकते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं. इससे पेट दर्द, उल्टीऔर दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं.पोषक तत्वों की कमी
लंबे समय तक रखे गए चावल में पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता.पाचन संबंधी समस्याएं
बासी चावल पचाने में मुश्किल हो सकता है, खासकर अगर इसे सही तरीके से स्टोर न किया गया हो. इससे गैस, अपच और पेट में जलन हो सकती है.इम्यून सिस्टम पर असर
खराब तरीके से रखे गए बासी चावल खाने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

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