पंचकूला ( दिया रघुवंशी ) : ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन की ओर से निर्माण सदन के कन्वेंशन हॉल में जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश भर के पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों ने भाग लेकर विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों, लंबित मांगों तथा कार्यों के निष्पादन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की।बैठक के बाद एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन और मनोज चहल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम एक मांग-पत्र एआईसी योगेश मेहरा को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त फंड्स उपलब्ध न होने के कारण प्रदेश में अनेक विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई परियोजनाओं की प्रगति धीमी पड़ गई है।उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार से अनुरोध किया गया है कि चल रहे कार्यों को पूरा करने के लिए निर्धारित समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक किया जाए। उनका कहना था कि फंड्स की कमी के चलते ठेकेदारों के लिए निर्धारित अवधि में कार्यों को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है।अशोक जैन ने कहा कि पिछले कुछ समय से निर्माण सामग्री, विशेषकर पेट्रोलियम उत्पादों और बिटुमेन की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अनुबंध दरों पर विकास कार्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बन गया है।उन्होंने बताया कि एसोसिएशन पहले भी सरकार के समक्ष राहत पैकेज, अनुबंध दरों की समीक्षा तथा चल रहे कार्यों के लिए समय विस्तार की मांग रख चुकी है। बैठक में उपस्थित ठेकेदारों ने एक स्वर में मांग की कि सरकार जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे और ठेकेदारों को आर्थिक राहत मिल सके।
मौके पर ज्ञापन लेने के बाद एआईसी योगेश मेहरा ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि बिटूमीन न मिलने के चलते मौजूदा टेंडरों की समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ाई जाएगी और ठेकेदारों को हर संभव सहायता मिलेगी । बजट की कमी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि हम अगले क्वाटर की रिलेक्सेशन दे देंगे लेकिन सरकार की ओर से एक्स्ट्रा बजट देने पर विचार किया जाएगा ।







