फाजिल्का,तानिया रोहिल्ला: जिले में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 10 लाख बोरियां गेहूं की खुले में पड़ी हैं। प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम है। यह गेहूं आढ़तियों के अस्थायी यार्डों में रखा गया है, जिससे बारिश के दौरान इसके खराब होने का खतरा बना हुआ है।सूत्रों के अनुसार आढ़तियों से संबंधित 10 से अधिक खुले और निचले इलाकों में स्थित यार्डों में गेहूं का स्टॉक रखा गया है। खरीद एजेंसियों ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से पहली अप्रैल से खरीदे गए गेहूं को निर्धारित गोदामों में जगह की कमी के कारण इन अस्थायी यार्डों में भेजा था। योजना के अनुसार इस गेहूं को 30 से 45 दिनों के भीतर, मानसून शुरू होने से पहले, इन यार्डों से उठाकर सुरक्षित गोदामों में पहुंचाया जाना था, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद स्टॉक खुले में पड़ा है।बताया गया है कि ये अस्थायी यार्ड मंजूरशुदा स्थान हैं, जिनका इस्तेमाल कमीशन एजेंट धान की खरीद के व्यस्त सीजन के दौरान करते हैं। धान खरीद का सीजन एक अक्टूबर से शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि गेहूं का स्टॉक समय रहते नहीं हटाया गया तो आढ़तियों के सामने जगह की समस्या और बढ़ सकती है। फाजिल्का आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव सचदेवा उर्फ गोल्डी ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से एफसीआई पंजाब क्षेत्र की महाप्रबंधक प्रीति यादव को पत्र लिखकर गेहूं का स्टॉक तत्काल हटाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि धान खरीद सीजन शुरू होने से पहले यार्ड खाली होना बेहद जरूरी है।उन्होंने बताया कि इस बार फाजिल्का में मानसून के दौरान बारिश कम हुई, जिससे गेहूं को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। उनका कहना था कि यदि क्षेत्र में भारी बारिश होती तो खुले में रखे गेहूं को काफी नुकसान पहुंच सकता था।एफसीआई फिरोजपुर के मैनेजर (मूवमेंट) हेमंत मीणा ने कहा कि अधिकारियों की ओर से पर्याप्त मालगाड़ियों की उपलब्धता का आश्वासन मिला है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर के बाद इन अस्थायी यार्डों में पड़ा गेहूं हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।









