पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या रिजर्व पुलिस लाइन के आरटीसी सभागार में सोमवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) एवं एसजेपीयू की मासिक समन्वय गोष्ठी और प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिसकर्मियों को कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की एसओपी, बाल तस्करी, बालश्रम, भिक्षावृत्ति और अनैतिक देह व्यापार की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही विशेष रेस्क्यू अभियान चलाने, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी, मेडिकल परीक्षण, बयान दर्ज कराने और बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष समय से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और सीडब्ल्यूसी के समक्ष शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग एवं सूचना दी जाए। बरामद नाबालिगों के परिजनों को तत्काल सूचना देने तथा विधि-विरुद्ध बालकों से संबंधित मामलों में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में अनुसंधान एवं अभियोजन के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के दायित्व, बाल किशोर न्यायालय की प्रक्रिया तथा संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय पर भी चर्चा की गई। पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण, चाइल्ड हेल्पलाइन और बालश्रम से जुड़े मामलों में निर्धारित निर्देशों का पालन करने के लिए पुलिसकर्मियों को कहा गया।इस दौरान 1098, 1090, 181, 108, 112, 1930 और 1441 सहित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए थानों में इनके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।कार्यशाला में एएचटी थाना पुलिस, जनपद के विभिन्न थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।







