चंडीगढ़: (राकेश मिश्रा): मानसून के मौसम में बढ़ती उमस और बदलते तापमान के बीच, मैक्स अस्पताल, मोहाली ने सांस से जुड़े संक्रमण और एलर्जी के बढ़ते मामलों पर एडवाइजरी जारी की है । अस्पताल ने लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों की पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को श्वसन संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने के लिए निवारक उपाय करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
मैक्स मोहाली में पल्मोनोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ दीपक भसीन ने कहा कि नम मौसम, फंगस का बढ़ना, वायु प्रदूषक और मौसमी वायरस का मेल श्वसन संक्रमण को ट्रिगर कर सकता है और एलर्जी को और बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि लगातार खांसी, गले में खराश, घरघराहट, सांस फूलना, नाक बंद होना, बुखार और छाती में बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, खासकर यदि वे लगातार बने रहें या बिगड़ते जा रहे हों।
डॉ भसीन ने बताया कि घरों के भीतर वेंटिलेशन को अच्छा बनाए रखना,सीलन और नमी वाले वातावरण से बचना, हाथों की स्वच्छता का पालन करना और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
डॉ भसीन ने कहा, मानसून के दौरान वायरल संक्रमण, एलर्जी और फंगस के बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होने के कारण सांस की बीमारियां बढ़ जाती हैं। अस्थमा, एलर्जी या फेफड़ों की पुरानी बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को अपनी निर्धारित दवाएं जारी रखनी चाहिए, नमी वाले वातावरण में जाने से बचना चाहिए और लक्षण बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज जटिलताओं और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत को रोकने में मदद करता है।







