पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या 1200 मतदाताओं के मानक पर होगा समायोजन, जर्जर भवनों और दूरस्थ बूथों पर भी विचार
अयोध्या, 19 अक्टूबर। मतदाताओं की सुविधा, सुलभ मतदान और निर्वाचन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अयोध्या में मतदेय स्थलों के संभाजन एवं संशोधन की प्रक्रिया तेज हो गई है। कलेक्ट्रेट सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी विशु राजा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावों पर चर्चा की गई।भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार, मतदेय स्थलों का अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर समायोजन करने और 300 से कम मतदाताओं वाले केंद्रों के पुनर्समायोजन पर विचार किया गया। इसके साथ ही पुराने एवं जर्जर भवनों में संचालित मतदेय स्थलों तथा ऐसे केंद्रों की समीक्षा की गई, जहां पहुंचने के लिए मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।बैठक में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रस्तावित संशोधनों और मतदेय स्थलों की संख्या का विवरण राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने रखा गया। उन्हें आलेख्य प्रकाशित सूची उपलब्ध कराते हुए सुझाव एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया।24 अक्टूबर तक दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां निर्वाचन अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि मतदेय स्थलों से संबंधित सुझाव अथवा आपत्तियां 24 अक्टूबर 2026 तक संबंधित उप जिलाधिकारी कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय, अयोध्या में जमा कराएं। प्राप्त प्रस्तावों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के बाद उपयुक्त सुझावों को संशोधन प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।बैठक में उप जिलाधिकारी, निर्वाचन अधिकारी और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदान केंद्रों की उपलब्धता, भवनों की स्थिति और मतदाताओं की पहुंच से जुड़े पहलुओं की समीक्षा करना है, ताकि निर्वाचन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा सके।







