पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या : नवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर मजिस्ट्रेट संजीव कुमार उपाध्याय और क्षेत्राधिकारी नगर यश त्रिपाठी ने कोतवाली नगर क्षेत्र के विभिन्न मूर्ति निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं को निर्माण स्थलों से पूजा पंडालों तक सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से पहुंचाने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों व मूर्ति निर्माताओं को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।नगर मजिस्ट्रेट संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, परस्पर सम्मान और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने मूर्ति निर्माण स्थलों और पंडालों पर आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने, आवागमन को सुचारु बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने आयोजकों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की अपील की।क्षेत्राधिकारी नगर यश त्रिपाठी ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना के इस पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने पंडाल व्यवस्थापकों से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने, भीड़ प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने तथा प्रवेश और निकास मार्गों को बाधामुक्त रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, हुड़दंग या अराजक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।क्षेत्राधिकारी ने आम जनमानस से अपील की कि त्योहार को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और न ही अपुष्ट सूचनाओं को प्रसारित करें। किसी संदिग्ध गतिविधि या अराजक तत्वों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही नवरात्रि का यह पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और शांति के साथ संपन्न हो सकता है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को सतर्कता बनाए रखने और आयोजकों से निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि मां दुर्गा की आराधना में उमड़ने वाली आस्था के बीच सुरक्षा, सद्भाव और सामाजिक एकता की भावना भी मजबूत बनी रहे।







