रायपुररानी : (राजकुमार) कालका से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री, इंतकाल और अन्य राजस्व कार्यों को लेकर आम लोग लगातार परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने डिजिटल व्यवस्था और ऑटो म्यूटेशन जैसी सुविधाएं शुरू करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को अपने काम करवाने के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोगों को पोर्टल या सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता है। चौधरी ने कहा कि यदि सरकार ने व्यवस्था ऑनलाइन की है तो उसकी तकनीकी खामियां दूर करना भी सरकार की जिम्मेदारी है, आम जनता की नहीं। उन्होंने कहा कि पहले से लंबित इंतकालों का निपटारा समय पर नहीं हुआ तो नई व्यवस्था के साथ लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।प्रदीप चौधरी ने कहा कि अब पटवारी भी इसी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और अपनी मांगों को लेकर दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे आम लोगों के राजस्व संबंधी कामकाज और प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जमीनों के इंतकाल, फर्द, जमाबंदी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोग पहले ही परेशान होकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, वहीं कर्मचारियों की हड़ताल से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। चौधरी ने कहा कि सरकार को पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ आम जनता के लंबित काम भी जल्द निपटाने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक लोगों को सिस्टम की खामियों और सरकारी व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भाजपा सरकार को केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित रहने के बजाय धरातल पर राजस्व व्यवस्था को दुरुस्त कर लोगों को राहत देनी चाहिए।







