कैथल, हरियाणा। जिला कैथल की 75 वर्षीय विधवा महिला शकुंतला देवी ने अपनी खराब सेहत और इलाज में आ रही परेशानियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। हालांकि यह पत्र केवल अपनी बीमारी की जानकारी देने के लिए नहीं लिखा गया, बल्कि इसके माध्यम से उन्होंने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करने का प्रयास किया है।
शकुंतला देवी का कहना है कि कैथल में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल होने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय लोगों का भी आरोप है कि अस्पताल में सभी संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को अक्सर बाहर इलाज करवाने की सलाह दी जाती है। उनका कहना है कि निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।
परिजनों के अनुसार, 4 जनवरी 2024 को तबीयत बिगड़ने पर शकुंतला देवी को जींद रोड स्थित कैथल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया था। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने बिना किसी विस्तृत जांच या उपचार के उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दे दी। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने न तो बीमारी के बारे में स्पष्ट जानकारी दी और न ही यह बताया कि किस अस्पताल में आगे उपचार कराया जाए।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लिखित रूप में किसी विशेष हायर सेंटर का नाम नहीं दिया, जबकि मौखिक रूप से एक निजी अस्पताल का सुझाव जरूर दिया गया। मजबूरी में परिजनों ने शकुंतला देवी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां एक कमरे का दैनिक किराया लगभग 4500 रुपये बताया गया है। इसके अलावा दवाइयों और अन्य चिकित्सा खर्चों का अलग बोझ भी परिवार पर पड़ रहा है।
शकुंतला देवी, जो एक विधवा महिला हैं, का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे लंबे समय तक निजी अस्पताल का खर्च वहन कर सकें। उन्होंने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की जांच कराने और आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे गरीब, बीपीएल, मध्यमवर्गीय तथा अन्य सभी वर्गों के लोगों को समय पर और सुलभ उपचार मिल सके। शकुंतला देवी को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर सरकार संज्ञान लेकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी।






