गर्भगृह से बाहर निकले धयेश्वर नाग महाराज, श्रद्धालुओं ने मांगी मन्नत

यमुना घाटी में आषाढ़ मेलों की श्रृंखला के तहत शनिवार को धयेश्वर नाग महाराज अपने मूल थान दारसौं स्थित गर्भगृह से विधिवत बाहर निकले। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देव डोली के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच धयेश्वर नाग महाराज की देव डोली गर्भगृह से बाहर निकाली गई। इस अवसर पर कफनौल, थोलिंका, गैर, हिमरोल, सिमलसारी, गन्ना, खेतू सहित आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने धूप, पिठाईं, श्रीफल, केदारपाती एवं हरेली अर्पित कर नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।देव डोली दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाएं मांगी। इसके उपरांत देव डोली रात्रि विश्राम के लिए थोलिंका होते हुए कफनौल थान पहुंची, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रात्रि में तांदी नृत्य का आयोजन किया गया।देव माली रामप्रकाश थपलियाल ने बताया कि धयेश्वर नाग महाराज विधिवत क्षेत्र भ्रमण पर निकल चुके हैं। रविवार को दारसौं मेला स्थल पर भव्य मेले का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।उन्होंने बताया कि धयेश्वर नाग महाराज के दारसौं, थोलिंका और कफनौल तीन प्रमुख थान हैं। देव परंपरा के अनुसार महाराज प्रत्येक वर्ष बारी-बारी से इन थानों में विराजमान होते हैं। इस वर्ष क्षेत्र भ्रमण के उपरांत वे कफनौल थान में विराजमान होंगे।इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष सूरत सिंह पंवार, सचिव सुभाष थपलियाल, कोषाध्यक्ष बृजमोहन नौटियाल, विजयप्रकाश थपलियाल, ग्राम प्रधान मोनिका नौटियाल, दयाराम उनियाल, राधेश्याम थपलियाल, सीताराम उनियाल, मालचंद राणा, चंद्रमोहन पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य नैन सिंह, पृतिराम नौटियाल, धनीराम थपलियाल, भरतराम बड़ोनी सहित बड़ी संख्या में माली, पुजारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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