पंचकूला(ललित):। गंगा समग्र की ओर से सेक्टर-21 स्थित छठ पूजा घाट पर घग्घर नदी के किनारे मां गंगा की सामूहिक आरती एवं पूजा-अर्चना का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। शाम करीब 6 बजे आयोजित कार्यक्रम में पंचकूला समेत ट्राई-सिटी के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां गंगा की आरती की और परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।कार्यक्रम में श्रम कल्याण बोर्ड हरियाणा के अध्यक्ष रोहतास जांगड़ा तथा एडिशनल डायरेक्टर स्किल डेवलपमेंट हरियाणा संजीव शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा प्रान्त संयोजक हरियाणा सतपाल शर्मा, जिला संघ कार्यालय प्रमुख सत्यदेव बंसल, प्रान्त सह संपर्क प्रमुख राधेश्याम शर्मा और समाजसेवी रामानंद ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी गंगा आरती में हिस्सा लिया।भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ घग्घर तटआरती शुरू होते ही घग्घर नदी का तट भक्तिमय वातावरण में बदल गया। श्रद्धालुओं ने हाथों में पूजा की थालियां लेकर मां गंगा की आरती की और जयकारों के साथ अपनी श्रद्धा प्रकट की। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से छठ पूजा घाट पर धार्मिक उत्साह देखने को मिला।इस अवसर पर गंगा समग्र के पंचकूला जिला संयोजक प्रवीन जांगड़ा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है। नदियां धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ मानव जीवन और प्रकृति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। नदियों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ विषय है।उन्होंने कहा कि गंगा आरती के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने के साथ-साथ नदी संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नदियों को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।नदियों में कूड़ा-कचरा न डालने की अपीलसतपाल शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि नदियों और जल स्रोतों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं डालनी चाहिए। धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ नदियां स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।उन्होंने बताया कि गंगा समग्र की ओर से प्रत्येक मंगलवार को घग्घर नदी के किनारे सामूहिक आरती आयोजित की जा रही है। इसके पीछे उद्देश्य लोगों को नदियों के धार्मिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय महत्व से जोड़ना और नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है।आरती के साथ लिया नदी संरक्षण का संकल्पकार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती कर नदियों को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि केवल आरती करने से ही नदी संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को अपनाना होगा।गंगा समग्र के पदाधिकारियों ने कहा कि घग्घर नदी सहित अन्य जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना जरूरी है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को प्रकृति और नदियों के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराने का प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेगा।






