डीए बकाया और पुरानी पेंशन योजना को लेकर कांग्रेस ने पंजाब सरकार पर उठाए सवाल

जालंधर, तानिया रोहिल्ला: पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) का बकाया भुगतान न करने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पूरी तरह लागू करने में देरी का आरोप लगाया है। सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के सामने दो तरह की अनिश्चितता पैदा कर दी है—एक ओर अर्जित महंगाई भत्ते का बकाया है, जबकि दूसरी ओर घोषित और अधिसूचित होने के बावजूद पुरानी पेंशन योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।प्रेस वार्ता में विधायक परगट सिंह, हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया, सुखविंदर कोटली, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर बेरी, हलका प्रभारी राजिंदर सिंह और नवजोत सिंह दहिया, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पंजाब मीडिया समन्वयक ईशान त्यागी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंगद दत्ता और मोंटी सहगल शामिल थे।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई भत्ता सरकार की ओर से दिया जाने वाला विवेकाधीन उपहार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को केंद्रीय व्यवस्था के अनुसार अद्यतन बकाया डीए और महंगाई राहत (डीआर) जारी करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर उस अवधि की समाप्ति से छह प्रतिशत साधारण ब्याज देने का भी निर्देश है।
नेताओं के अनुसार, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए लगभग 85 हजार कर्मचारियों का डीए 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे करीब 900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक खर्च आने का अनुमान है। हालांकि, कर्मचारी संगठन व्यापक बकाया किस्तों और एरियर के भुगतान की मांग पर कायम हैं।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा किया था। अक्टूबर 2022 में इसकी सैद्धांतिक बहाली की घोषणा की गई और 18 नवंबर 2022 को अधिसूचना जारी हुई, लेकिन लागू करने के लिए आवश्यक विस्तृत योजना पूरी नहीं की गई।उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने अब तक अर्जित डीए बकाया चुकाने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था तथा पुरानी पेंशन योजना के वादे को पूरा करने के लिए कानूनी और वित्तीय रूप से व्यावहारिक तंत्र क्यों प्रस्तुत नहीं किया है।कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि वे पुरानी पेंशन योजना को वास्तव में लागू करने और लंबित महंगाई भत्ते का पूरा भुगतान करने की निश्चित अंतिम तारीख घोषित करें।

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