चंडीगढ़ 9 जून — राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि समाज, शासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद शक्ति का बेहतर स्रोत होता है। जिसके परामर्श से जनहितैषी कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। वर्तमान समय के दौर में परामर्श होना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की ताकत से ही देश का नया इतिहास लिखा जा सकता है।
उप सभापति हरियाणा विधानसभा द्वारा आयोजित सीपीए इंडिया रीज़न नॉर्थ जोन – 11 कॉन्फ्रेंस के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा सहित कई राज्यों के विधान सभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व विधायकों ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करने पर कुलदीप पठानिया को शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
उप सभापति ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना की ताकत समाज व देश को विकसित बनाने की अहम कड़ी है। दुनिया के अधिकांश देश, श्रमिक संघ जो तकनीकी रूप से आगे हैं वे दुनिया को रास्ता दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा है विकसित देशों को देखना चाहिए कि दुनिया कहां खड़ी है। द्वितीय युद्ध के बाद कई देश पश्चिमी साम्राज्यवाद को सही मानते हैं। नवाचर के नवीनतम अध्याय आगे आ रहे हैं, लेकिन चुनौतियां भी बहुत आ रही हैं। हमें उनका हल निकालते हुए आगे बढ़ाना है।
हरिवंश ने कहा कि 1915 में जब महात्मा गांधी देश की आजादी के लिये आगे आये तब किसी ने सोचा था कि 1947 में भारत आजाद हो जाएगा। इसलिए देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन 2047 संकल्प नहीं बल्कि 140 करोड़ आबादी का सपना है। इसमें देश को आर्थिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से समृद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर भीम राव आंबेडकर के कथन अनुसार आपसी मतभेद हो भले ही लेकिन दलगत राजनीति और भावनाओं से ऊपर उठकर केवल देश हित में ही सोचना है। उन्होंने कहा कि जिस दिन देश का लक्ष्य और कीमत आगे नहीं होगी, उस दिन हम आजादी खोने के कगार पर होंगे। कई देश नहीं चाहते भारत एक ताकतवर देश बने। इसलिए संकट के समय में हमे एक होना और रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को गुलाम बनाए जाने की प्रवृत्ति का बचाव करें और आजादी के दौर पर गर्व करें। देश 2014 के बाद आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए समाज को जागरूक, सतर्क और मुखर बनाना है। नशे की चुनौतीपूर्ण समस्या है। ऐसी सामाजिक समस्याओं से सचेत रहना है और इनको खत्म करना है। इसके अलावा शिक्षा पर मिलकर काम करना है और नकल को रोकना है। उन्होंने कहा कि अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद रखनी है। आने वाले समय में संसद, विधानसभा में महिलाएं आगे आएंगी। इनसे घर, समाज और राष्ट्र तरक्की की और अग्रसर होगा। पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर होने के साथ ही रोजगार सृजन होगा और लोकतंत्र की संस्थाएं भी मजबूत होंगी।
सम्मेलन को पंजाब के स्पीकर कुलतार सिंह रंधावा, उपाध्यक्ष जयकिशन रेडी, दिल्ली के स्पीकर विजेंदर गुप्ता, हिमाचल के स्पीकर कुलदीप पठानिया, गोवा के स्पीकर डिसूजा, महाराष्ट्र के स्पीकर राम सिंधे, पश्चिम बंगाल के स्पीकर रथीन्दरनाथ घोष, कुलदीप लोहारिया, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, दिल्ली से विधायक राजकुमार भाटिया, हिमाचल से विधायक संजय, राजौरी से विधायक फिकर अहमद सहित अनेक वक्ताओं ने विकसित भारत 2047 विजन पर अपने विचार रखे।






