डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि स्टिंग (Sting) एनर्जी ड्रिंक की बोतल पर साफ़-साफ़ लिखा होता है कि यह बच्चों के लिए नहीं है। बोतल के पीछे चेतावनी (Warning) वाले हिस्से में अंग्रेज़ी में लिखा होता है: “Not recommended for children” (बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं है)। FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के नियमों के मुताबिक, 12-18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इसे सही नहीं माना जाता है।बच्चों को स्टिंग क्यों नहीं देनी चाहिए?स्टिंग एक साधारण कोल्ड ड्रिंक नहीं बल्कि एक एनर्जी ड्रिंक है। इसके अंदर मुख्य रूप से दो चीज़ें बहुत ज़्यादा मात्रा में होती हैं:भारी मात्रा में कैफीन: इसकी एक छोटी बोतल (250ml) में लगभग 72 से 80 मिलीग्राम कैफीन होता है। बच्चों का शरीर इतनी कैफीन झेलने के लिए तैयार नहीं होता है।अत्यधिक चीनी (Sugar): इसमें चीनी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, जो बच्चों के दांतों और लिवर को नुकसान पहुँचाती है।बच्चों पर इसके मुख्य दुष्प्रभाव (Side Effects)अगर 12 साल या उससे छोटे बच्चे इसे पीते हैं, तो उन्हें ये परेशानियाँ हो सकती हैं:दिल की धड़कन बढ़ना: कैफीन के कारण अचानक से ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन तेज़ हो सकती है।नींद न आना: इसे पीने के बाद बच्चों के दिमाग की सतर्कता बढ़ जाती है, जिससे रात को सोने में दिक्कत होती है।चिड़चिड़ापन और घबराहट: शरीर में कैफीन की ओवरडोज़ से बच्चे बेचैन और चिड़चिड़े हो सकते हैं।लत लगना: बच्चों को इसकी मीठी और कैफीन वाली आदत पड़ सकती है







