पर्यावरण स्थायी समिति ने डड्डू माजरा में हरित पहल का किया निरीक्षण; बॉटनिकल गार्डन में आयोजित हुआ पौधारोपण अभियान

पांचवा आयाम:चंडीगढ़ : (राजकुमार)शहरी हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने, जैव विविधता के संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वन विभाग एवं पर्यावरण विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा आज बॉटनिकल गार्डन, चंडीगढ़ में पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया।प्रशासक की सलाहकार परिषद की पर्यावरण स्थायी समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में अभियान में भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न स्वदेशी एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों का रोपण किया गया, जिससे चंडीगढ़ में हरित आवरण बढ़ाने तथा पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को बल मिला।इस अवसर पर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि पौधारोपण केवल पेड़ों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, टिकाऊ एवं जैव विविधता से समृद्ध हरित वातावरण तैयार करने का माध्यम है। उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों एवं संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया।मुख्य वन संरक्षक-सह-निदेशक, पर्यावरण सौरभ कुमार तथा पर्यावरण स्थायी समिति के सदस्य जगदीश वालिया, डॉ. रविन्द्र नाथ एवं मनमोहन खन्ना भी पौधारोपण अभियान में शामिल हुए। इस अवसर पर वन विभाग एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।पौधारोपण कार्यक्रम के उपरांत ज्ञान चंद गुप्ता एवं पर्यावरण स्थायी समिति के सदस्यों ने डड्डू माजरा का दौरा किया, जहां वन महोत्सव के दौरान व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया है। यह पहल पूर्व के लिगेसी वेस्ट स्थल को हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ क्षेत्र में परिवर्तित करने के लिए चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।डड्डू माजरा में नगर निगम, चंडीगढ़ के आयुक्त अमित कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण एवं उपचार, स्थल के पुनर्वास तथा हरित विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने वहां किए गए पौधारोपण तथा आसपास के क्षेत्र को अधिक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ बनाने के लिए अपनाए जा रहे अन्य उपायों से भी अवगत कराया।इस दौरे ने वन विभाग, पर्यावरण विभाग तथा नगर निगम, चंडीगढ़ के समन्वित प्रयासों को रेखांकित किया, जिनका उद्देश्य क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का पुनर्जीवन, हरित आवरण में वृद्धि तथा पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक स्थलों का विकास करना है। डड्डू माजरा में किए जा रहे कार्य यह भी दर्शाते हैं कि वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन एवं सतत हरित हस्तक्षेपों के माध्यम से लिगेसी वेस्ट से प्रभावित क्षेत्रों का प्रभावी पुनर्वास किया जा सकता है।पौधारोपण अभियान एवं स्थल निरीक्षण ने पर्यावरणीय स्थिरता, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, जैव विविधता संरक्षण तथा अधिक हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ चंडीगढ़ के निर्माण के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।

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