चंडीगढ़,पांचवा आयाम (राकेश मिश्रा):चंडीगढ़: पेट में गंभीर सूजन और दर्द से पीड़ित 36 वर्षीय मरीज को मैक्स हॉस्पिटल, मोहाली में की गई मिनिमली इनवेसिव लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया से नया जीवन मिला।
मैक्स में प्रिंसिपल कंसलटेंट–जनरल, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल एवं रोबोटिक सर्जरी, डॉ. अनुपम गोयल ने बताया कि इस की होल सर्जरी की मदद से मरीज को काफी कम पोस्ट ऑपरेटिव दर्द हुआ, घाव से जुड़ी कोई जटिलता नहीं आई और वह तेजी से ठीक हो गया।
मरीज पेट में गंभीर सूजन और दर्द, बार-बार उल्टी होने और तेज बुखार की शिकायत के साथ मैक्स हॉस्पिटल में इमरजेंसी में लाया गया था। जांच में पता चला कि उसे छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में छेद था। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह तेजी से गंभीर संक्रमण और सेप्सिस का रूप ले सकता है।
डॉ. गोयल के नेतृत्व में, मेडिकल टीम ने ‘मॉडिफाइड ग्राहम्स पैच’ तकनीक का उपयोग करके एक सफल लेप्रोस्कोपिक रिपेयर को अंजाम दिया। इस सर्जरी में, बड़े चीरे के बजाय कुछ छोटे कीहोल छेद किए जाते हैं और मरीज के शरीर के ही एक छोटे से हिस्से का उपयोग करके आंत के छेद को बंद किया जाता है ताकि आगे कोई रिसाव न हो। इस तकनीक से बड़ा सर्जिकल कट लगाने से बचा जा सका, जिससे मरीज तेजी से रिकवर हुआ।
डॉ. गोयल ने कहा, “यह स्थिति एक सर्जिकल इमरजेंसी थी और इसके लिए तुरंत इलाज की आवश्यकता थी। उन्नत मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के साथ, हम पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में कम दर्द, कम जटिलताओं और त्वरित रिकवरी के साथ पेट से जुड़ी कई जटिल इमरजेंसी का इलाज करने में सक्षम हैं।”
सर्जरी के बाद मरीज बहुत अच्छी तरह से ठीक हो गया और 7 दिनों की ऑब्जर्वेशन के बाद उसे स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।







