‘बेटी बचाओ’ का नारा सिर्फ विज्ञापनों में, हकीकत में बेटियों की संख्या में भारी गिरावट: राव नरेंद्र सिंह

चंडीगढ़ (तानिया रोहिल्ला)।हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश में लगातार गिरते लिंगानुपात को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस हरियाणा की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी, उसी हरियाणा में आज बेटियों की संख्या में लगातार गिरावट सरकार के दावों की असलियत उजागर कर रही है।राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा में सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्ष 2025 में जन्म के समय प्रदेश का लिंगानुपात 923 था, जो जून 2026 में महज छह महीने के भीतर 900 पर आ गया। यानी प्रति 1,000 लड़कों पर बेटियों की संख्या में 23 अंकों की गिरावट दर्ज हुई है। यह पिछले करीब आठ वर्षों में प्रदेश का सबसे निचला स्तर है।उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर विज्ञापन और कार्यक्रम आयोजित कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ जमीन पर बेटियों के जन्म का अनुपात लगातार गिर रहा है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों और निगरानी व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है।चरखी दादरी में स्थिति सबसे खराब राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि जिलावार आंकड़े सरकार के लिए और भी गंभीर चिंता का विषय हैं।चरखी दादरी में लिंगानुपात 913 से गिरकर 829 रह गया।पानीपत में 951 से गिरकर 880 हुआ।पंचकूला में 971 से गिरकर 903 रह गया।जींद में 918 से गिरकर 878 हुआ।
अंबाला में भी 926 से घटकर 884 रह गया।उन्होंने कहा कि जून 2026 में महेंद्रगढ़ 869, गुरुग्राम और झज्जर 871-871 तथा जींद 878 पर रहे। इसके विपरीत करनाल 945, पलवल 930, फरीदाबाद 920, नूंह 918 और फतेहाबाद 917 के साथ बेहतर स्थिति में रहे।
1,422 FIR के बावजूद हालात क्यों बिगड़े?कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के अनुसार कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात सुधारने के लिए PCPNDT और MTP एक्ट के तहत 1,422 FIR दर्ज की गई हैं। ‘सेल्फी विद डॉटर’, ‘प्यारी बेटी न्यूजलेटर’ और फिल्म महोत्सव जैसे जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।उन्होंने सवाल किया कि यदि इतने मामले दर्ज हुए, इतने अभियान चलाए गए और सरकार लगातार सफलता के दावे करती रही, तो फिर छह महीने में लिंगानुपात 23 अंक क्यों गिर गया?राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को केवल आंकड़े जारी करने के बजाय यह बताना चाहिए कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने की निगरानी व्यवस्था कहां कमजोर हुई, दोषियों के खिलाफ कितनी कार्रवाई हुई और जिन जिलों में लिंगानुपात तेजी से गिरा है, वहां सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।बाल अधिकार आयोग में छह पद महीनों से खाली
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में छह सदस्यों के पद 15 दिसंबर 2025 से खाली पड़े हैं। आयोग के अध्यक्ष का पद 28 अप्रैल 2026 से भरा गया, लेकिन छह महत्वपूर्ण सदस्य पद अभी भी रिक्त हैं।उन्होंने कहा कि बच्चों और बेटियों के अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्था में ही छह पद खाली रखना भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। इतना ही नहीं, आयोग की अपनी अलग वेबसाइट तक नहीं है और शिकायतों के लिए लोगों को विभागीय पोर्टल, ई-मेल तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर निर्भर रहना पड़ रहा है।बेटी बचाओ’ अभियान को इवेंट नहीं, मिशन बनाना होगा
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार गिरते लिंगानुपात वाले सभी जिलों की जिम्मेदारी तय करे, विशेष निगरानी अभियान चलाए, PCPNDT कानून को प्रभावी ढंग से लागू करे और बाल अधिकार आयोग के सभी रिक्त पद तत्काल भरे।उन्होंने कहा, “बेटियों को बचाने का काम पोस्टर, विज्ञापन और सरकारी इवेंट से नहीं होगा। इसके लिए जमीन पर मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था, जवाबदेही और राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए। हरियाणा की बेटियों का भविष्य किसी प्रचार अभियान का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता और सामाजिक भविष्य का सवाल है।”राव नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री जी को अगर अपनी सरकार के प्रचार से फुर्सत मिले तो विधानसभा में पेश इन आंकड़ों को भी देख लें। ‘बेटी बचाओ’ के नारे और जमीनी हकीकत के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है—इसका जवाब हरियाणा की जनता मांग रही है।”

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