अयोध्या की पावन धरती से मातृशक्ति, बेटी शिक्षा और स्वस्थ समाज का सशक्त संदेश देते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब देश की महिलाएं राष्ट्र निर्माण में पूरी भागीदारी निभाएंगी। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित “मातृशक्ति कॉन्क्लेव अयोध्या-2026” में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, संस्कार और महिला सशक्तिकरण को समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।कार्यक्रम में आयोजित माँ-बेटी संवाद ने उपस्थित महिलाओं, किशोरियों और छात्राओं को प्रेरणा से भर दिया। राज्यपाल ने माताओं से अपनी बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य दिलाने, 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच एवं कैंसर स्क्रीनिंग कराने तथा गर्भवती महिलाओं के पोषण, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से होता है। बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाकर महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। किशोरियों से आत्मनिर्भर बनने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का आग्रह भी किया।कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 200 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन तथा 50 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक दी। विद्याशक्ति पहल के अंतर्गत 3600 स्वयं सहायता समूहों को पुस्तकें, 100 समूहों को ऑर्नामेंटल फिशरीज किट, 1500 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन, 902 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र तथा विभिन्न सीएसआर सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।राज्यपाल ने जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सुदृढ़ रसोई व्यवस्था, बच्चों को नियमित गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा कार्यकर्त्रियों के प्रशिक्षण एवं सतत निगरानी की सराहना करते हुए इसे महिला एवं बाल विकास की प्रभावी पहल बताया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित माँ-बेटी संवाद आयोजित करने का सुझाव दिया। समारोह में कुलपति प्रो. बृजेंद्र सिंह, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।







