मां के दरबार में श्रद्धा, सड़कों पर सुरक्षा का पहरा—नवरात्रि में श्रद्धालुओं की ढाल बनी अयोध्या पुलिस

पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि त्रिपाठी ने किया पैदल गश्त, महिला थाना अध्यक्ष ने महिला सुरक्षा और बच्चों-बुजुर्गों की सहायता के प्रति किया जागरूक मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और आस्था के पावन पर्व नवरात्रि एवं दशहरा के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा है। मां के दरबार में शीश नवाने निकलने वाले श्रद्धालुओं के चेहरे पर विश्वास की मुस्कान बनी रहे और प्रत्येक परिवार सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सके, इसी उद्देश्य से अयोध्या पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि त्रिपाठी ने पुलिस बल के साथ चौक से फतेहगंज रोड तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क निगरानी रखने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों की मुस्कान और बुजुर्गों का सम्मान प्राथमिकता त्योहारों की रौनक बाजारों और सड़कों पर दिखाई देती है, लेकिन इस रौनक के बीच महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों की देखभाल और बुजुर्गों की सुविधा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी भावना के अनुरूप महिला थाना अध्यक्ष को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।महिला पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी महिला, बालिका अथवा जरूरतमंद व्यक्ति को परेशानी होने पर संवेदनशीलता के साथ सहायता प्रदान करें। बच्चों के साथ आने वाले परिवारों तथा बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने और आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।महिला थाना अध्यक्ष की आमजन से भावपूर्ण अपील महिला थाना अध्यक्ष ने महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि वे नवरात्रि और दशहरा पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाएं, लेकिन अपनी सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहें। किसी भी प्रकार की परेशानी, छेड़छाड़ या असुरक्षा की स्थिति में चुप न रहें और तत्काल पुलिस की सहायता लें।उन्होंने अभिभावकों से बच्चों का विशेष ध्यान रखने, परिवार के बुजुर्गों की सुविधा सुनिश्चित करने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की। साथ ही आमजन से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें, अफवाहों से बचें और आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सौहार्द की परंपरा को मजबूत बनाएं।आस्था के साथ सुरक्षा, उत्सव के साथ जिम्मेदारी नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, करुणा, नारी सम्मान और समाज में सद्भाव का संदेश देने वाला उत्सव भी है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और प्रत्येक नागरिक निर्भय होकर पर्व की खुशियों में शामिल हो सके।अयोध्या पुलिस का प्रयास है कि मां दुर्गा की आराधना के इस पावन अवसर पर किसी परिवार की खुशी प्रभावित न हो, कोई महिला स्वयं को असुरक्षित महसूस न करे और बच्चों तथा बुजुर्गों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षित श्रद्धालु, सम्मानित महिलाएं और खुशहाल परिवार—यही शांतिपूर्ण नवरात्रि की पहचान है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए त्योहारों को शांति, श्रद्धा, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का संदेश दिया।

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