मुख्य टेंडर के बावजूद दोबारा टेंडर जारी करने का आरोप, विजिलेंस जांच की मांग – राजेश कुमार

पंचकूला: नगर निगम पंचकूला में गांव अभयपुर से सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य को लेकर मुख्य टेंडर के बावजूद अलग-अलग टेंडर जारी किए जाने का मामला सामने आया है। नगर निगम के पूर्व पार्षद राजेश कुमार ने इस मामले को लेकर राज्य विजिलेंस एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हरियाणा को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच करवाने की मांग की है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार के अनुसार, 27 जून 2025 को करीब 81,98,476 रुपये का मुख्य टेंडर जारी किया गया था। उनके मुताबिक इस टेंडर में गांव अभयपुर में करीब 1241 मीटर सीवर लाइन बिछाने, खराब इंटरलॉक टाइलों को दोबारा लगाने, 65 मैनहोल बनाने, करीब 250 सीवर लाइन कनेक्शन करने सहित अन्य तकनीकी कार्य शामिल थे। एक ही काम के लिए दोबारा टेंडर निकालने का आरोराजेश कुमार का आरोप है कि मुख्य टेंडर में शामिल कार्यों को पूरा किए बिना पुराने टेंडर का काम अधूरा छोड़ दिया गया। इसके बाद वर्ष 2026 में उन्हीं कार्यों से संबंधित अलग-अलग छोटी निविदाएं जारी की गईं। शिकायतकर्ता के अनुसार, जुलाई 2026 में करीब 1.70 लाख रुपये का टेंडर इंटरलॉकिंग टाइल लगाने के नाम पर जारी किया गया। वहीं वर्ष 2026 में ही करीब 92 हजार रुपये की दूसरा टैंडर 67 सीवर लाइन कनेक्शन करने के लिए निकाले जाने का आरोप है। राजेश कुमार का कहना है कि यदि इंटरलॉकिंग टाइल और सीवर कनेक्शन का कार्य पहले से ही मुख्य टेंडर की शर्तों और कार्यक्षेत्र में शामिल था, तो बाद में इन्हीं कार्यों के लिए अलग-अलग छोटी निविदाएं जारी करने का औचित्य क्या था। उन्होंने इसी बिंदु को जांच का मुख्य विषय बताते हुए संबंधित रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप पूर्व पार्षद राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि मुख्य टेंडर में शामिल कार्यों को दोबारा अलग-अलग टेंडरों के माध्यम से करवाने से सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग और निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से मांग की है कि 27 जून 2025 के मुख्य टेंडर, उसके वर्क ऑर्डर, अनुमानित कार्य, भुगतान रिकॉर्ड, माप पुस्तिका (MB), पूर्ण किए गए कार्य तथा 2026 में जारी दोनों छोटी निविदाओं का रिकॉर्ड मंगवाकर आपस में मिलान किया जाए। मिलीभगत के आरोपों की भी जांच की मांग राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि मुख्य टेंडर में शामिल कार्यों को दोबारा छोटी निविदाओं में शामिल किए जाने के पीछे संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के बीच संभावित मिलीभगत की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सरकारी धन का गलत इस्तेमाल या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व पार्षद ने विजिलेंस से मांग की है कि मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि जनता के पैसे के संभावित दुरुपयोग को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत करवाने की मांग भी की है।

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