रामलला चढ़ावा प्रकरण की विवेचना रविवार को और तेज हो गई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में पुलिस, राजस्व टीम तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से आठ आरोपियों के ठिकानों पर समन्वित छापेमारी कर गहन जांच अभियान चलाया।करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान जांच टीमों ने बैंक पासबुक, आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित किया। प्रारंभिक कार्रवाई में नकदी बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।विवेचना के तहत बैंक लेनदेन, अभिलेखों तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं और प्रत्येक बिंदु की गहन पड़ताल में जुटी हैं।सूत्रों के अनुसार, विवेचना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा सकती है।क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में चल रही यह संयुक्त कार्रवाई संकेत देती है कि रामलला चढ़ावा प्रकरण की जांच प्रत्येक पहलू से गंभीरता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना पूरी तरह साक्ष्य आधारित होगी और उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।







