पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या : दीपोत्सव की जगमगाहट से पहले सरयू किनारे अयोध्या को पर्यटन की एक नई सौगात मिलने जा रही है। राजघाट के पास 22.72 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा नया टूरिज्म हब करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अक्टूबर 2026 के अंत तक इसके पूरा होने का लक्ष्य है। एम्फीथिएटर, फूड प्लाजा, कैफे और हनुमान चालीसा की पूरी चौपाइयों को दर्शाती म्यूरल वॉल इस केंद्र के प्रमुख आकर्षण होंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरयू किनारे विकसित हो रहा यह पर्यटन केंद्र अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नया आयाम देगा। दीपोत्सव के दौरान बढ़ती पर्यटकों की संख्या के बीच यह केंद्र श्रद्धालुओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्थानीय खानपान और सरयू के मनोरम वातावरण का एक साथ अनुभव देगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा केवल दीपोत्सव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए उपयोगी होगी। परियोजना के तहत करीब 150 से 200 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। हनुमान चालीसा की चौपाइयों से सजी म्यूरल वॉल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बनेगी। इसके अलावा कैफे, आठ दुकानों वाला फूड प्लाजा, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। अपर मुख्य सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि राजघाट के पास विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट केवल सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि सरयू किनारे आने वाले पर्यटकों को एक नया और यादगार अनुभव देने की पहल है। इससे अयोध्या के पर्यटन परिदृश्य को विस्तार मिलेगा और रामायण सर्किट में भी एक नया आकर्षण जुड़ सकेगा। सरयू की लहरों, अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का यह संगम शहर की सांस्कृतिक पहचान को एक नया स्पर्श देगा। दीपोत्सव के बीच जब अयोध्या लाखों दीपों से रोशन होगी, तब सरयू तट पर आकार ले रहा यह नया केंद्र श्रद्धा, संस्कृति और पर्यटन के एक साथ जीवंत होने की तस्वीर पेश करेगा।






