किन्नर का दिया आशीर्वाद कभी बहु व्यर्थ नही जाता: आचार्य डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

पांचवा आयाम (राकेश मिश्रा):चंडीगढ़:- डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी — आचार्य महामंडलेश्वर, इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा, आज जय माता किन्नर मंदिर, सेक्टर 26 में पहुंचीं। यहाँ परम पूज्यपाद पीठाधीश्वर 1008 महामण्डलेश्वर माँ कमलीनन्द गिरी एवं श्री श्री किन्नर अखाड़ा के अन्य संतों ने उन्हें सम्मान अंगवस्त्र व पुष्पों से स्वागत किया। मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित 19वें वार्षिक महोत्सव में शहर के गणमान्य नागरिकों व श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में शिरकत की। इस अवसर पर उनके साथ पुण्य नंदगिरी जी — बारडोली, गुजरात से महामंडलेश्वर और श्री महंत ऋषिकेश नंदगिरी जी — नासिक, महाराष्ट्र, इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा भी पहुंचे थे ।इस अवसर पर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किन्नरों का आशीर्वाद अत्यंत भाग्यशाली होता है। उन्होंने कहा कि किसी का दिया आशीर्वाद बेकार हो सकता है। लेकिन किन्नर का दिया आशीर्वाद कभी बहु व्यर्थ नही जाता। किन्नर की दुआ हमेशा रंग लाती है। उन्होंने आगे कहा कि किन्नर कभी भी भेदभाव नही करते। किन्नर के सभी धर्म सभी जाति एक समान है।उनका मानना है कि किन्नर समाज को दया नहीं, बल्कि मुख्यधारा में बराबरी, आत्म-सम्मान और संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए। उनका कहना है कि समाज को उन्हें किसी अलग नजरिए से देखने के बजाय एक इंसान मानना चाहिए और उनके मानवीय अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कमलीनन्द गिरी को जो अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि समाज की सेवा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।माँ कमली ने बताया कि 19वें वार्षिक महोत्सव पर चर्चा करते हुए कहा कि किन्नर मंदिर में वैदिक रीति रिवाज और धार्मिक परंपराओं अनुसार पूजा अर्चना के साथ सभी अनुष्ठान किए जा रहे हैं। 15 अगस्त से शुरू होकर 25 अगस्त को सम्पन्न होने वाले 10 दिवसीय इस वार्षिक महोत्सव में रोजाना ही धार्मिक आयोजन किये जा रहे है।

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