सावन की हरियाली में संस्कृति और पर्यावरण का संदेश, उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन का भावपूर्ण उत्सव

पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या:सावन की रिमझिम फुहारों, लोक परंपराओं और हरियाली की आत्मीय छटा के बीच उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन (NRWWO) ने शुक्रवार को साकेत क्लब में पारंपरिक सावन उत्सव का आयोजन किया। उत्सव में संस्कृति की रंगत के साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से उभरा।कार्यक्रम में उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा निरुपमा वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सावन की लोक-संस्कृति से जुड़े गीत-संगीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लास और आत्मीयता से भर दिया। संगठन की सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय लोक परंपराओं और सावन की जीवंत स्मृतियों को खूबसूरती से अभिव्यक्त किया।उत्सव का एक महत्वपूर्ण पक्ष पर्यावरण संरक्षण रहा। ‘माँ के नाम एक पेड़’ और ‘कैच द रेन’ जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया। संगठन की ओर से पौधों का वितरण कर हरियाली बढ़ाने और वर्षाजल संरक्षण के प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया गया। निरुपमा वर्मा ने कहा कि प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य विरासत भी है। पौधा लगाना तभी सार्थक होगा, जब उसकी नियमित देखभाल भी की जाए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।सावन उत्सव में उत्तर रेलवे मुख्यालय, नई दिल्ली के गणमान्य अधिकारियों एवं अतिथियों के साथ अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) तथा पूर्वोत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठनों के सदस्यों की सहभागिता रही। आयोजन ने सावन की सांस्कृतिक आत्मीयता को पर्यावरण के प्रति सामूहिक संकल्प से जोड़ते हुए एक सार्थक संदेश दिया।

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