चंडीगढ़(तानिया रोहिल्ला)। हरियाणा सरकार ने मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को राहत देते हुए हरियाणा के मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के लिए राहत भरी खबर है। प्राइवेट स्कूलों को फार्म भरने के लिए सरकार ने दोबारा पोर्टल खोल दिया है। जिन स्कूलों के एमआईएस खाते आरटीई पोर्टल पर सीट घोषित न करने के कारण बंद कर दिए गए हैं, उन्हें फॉर्म-6 भरने की अनुमति नहीं दी गई है।शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘फॉर्म-6 भरने के लिए बीती रात पोर्टल खोल दिया है। निजी स्कूल संचालक इसे लेकर कई दिनों से मांग कर रहे थे। अब यह पोर्टल 9 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। निजी स्कूल संचालक इस पर ऑनलाइन फॉर्म-6 भर सकेंगे।स्कूल शिक्षा निदेशालय (महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।यह फार्म स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लिंक के माध्यम से फॉर्म भरा जाएगा। इसके लिए एमआईएस पोर्टल के यूजर नेम और पासवार्ड का इस्तेमाल करना होगा। फीस बढ़ाने पर लग जाएगी रोक: जो स्कूल समय पर या सही तरीके से फॉर्म-6 ऑनलाइन जमा नहीं करेंगे या इसे अधूरा छोड़ेंगे, उन्हें उस शैक्षणिक सत्र में फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं मिलेगी।स्कूलों को फॉर्म-6 में दी गई जानकारी अपने स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी। फॉर्म में स्कूल प्रमुख का नाम, फोन नंबर, ऑफिशियल ईमेल, पिन कोड, मैनेजमेंट/ट्रस्ट का नाम और मान्यता की प्रति अपलोड करनी होगी।यदि कोई प्राइवेट स्कूल अपने स्टाफ को सरकारी स्कूल के कर्मचारियों के समान वेतन देता है, तो उसे इससे संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। ऐसा न करने पर माना जाएगा कि समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। जो स्कूल अपने स्टाफ को वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन देते हैं और 2026 से लागू होने वाले नए प्रावधानों के लिए सीपीआई+10 प्रतिशत स्लैब अपनाना चाहते हैं, वे सत्र 2026-27 से 2035-36 के बीच किसी एक साल में वृद्धि कर सकते हैं।
विकसित भारत-2047 के निर्माण में आर्किटेक्ट्स की अहम भूमिका: सतनाम सिंह संधू
डीगढ़, (तानिया रोहिल्ला) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में आर्किटेक्ट्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इनोवेटिव, सस्टेनेबल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप…









