हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव से महिलाओं में बढ़ सकता है माइग्रेन का खतरा डॉ अर्चिता महाजन

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि महिलाओं में माइग्रेन की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में होने वाले हार्मोनल बदलाव, विशेषकर एस्ट्रोजन के स्तर में अचानक बदलाव, कुछ महिलाओं में माइग्रेन अटैक को ट्रिगर या अधिक गंभीर बना सकते हैं। मासिक धर्म शुरू होने से लगभग दो दिन पहले से लेकर शुरुआती दिनों तक माइग्रेन बढ़ना एक जाना-पहचाना पैटर्न है।डॉ. अर्चिता महाजन, न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर, ने बताया कि माइग्रेन से परेशान महिलाओं को केवल दर्द की दवा पर निर्भर रहने के बजाय अपनी डाइट, हाइड्रेशन, नींद, तनाव और व्यक्तिगत ट्रिगर्स पर भी ध्यान देना चाहिए।पीरियड्स के समय क्यों बढ़ सकता है माइग्रेन?मासिक चक्र के दौरान हार्मोन्स में प्राकृतिक बदलाव होते हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड्स से पहले एस्ट्रोजन के तेजी से गिरने के साथ माइग्रेन की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि माइग्रेन के ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
इसलिए अगर हर महीने पीरियड्स से पहले या दौरान सिरदर्द, रोशनी से परेशानी, मतली या उल्टी जैसी समस्या होती है, तो हेडेक डायरी में मासिक चक्र, भोजन, पानी, नींद और सिरदर्द की तारीख नोट करना उपयोगी हो सकता है।माइग्रेन में कैसा हो डाइट चार्ट?समय क्या लें।सुबह उठकर,1–2 गिलास सामान्य पानी,नाश्ता,ओट्स/दलिया/पोहा/उपमा + सब्जियां + प्रोटीन का स्रोत।मिड-मॉर्निंग
कोई ताजा फल, यदि वह व्यक्ति का ट्रिगर न हो
दोपहर का भोजन
2 रोटी/संतुलित मात्रा में चावल + दाल/चना/पनीर/अन्य प्रोटीन + सब्जी + सलाद।शाम,भुना चना/मखाना या हल्का स्वस्थ स्नैक + पानी।रात का भोजन
हल्का भोजन—रोटी + सब्जी + दाल/अन्य प्रोटीन
सोने से पहले
आवश्यकता हो तो हल्का दूध/अन्य उपयुक्त विकल्प
माइग्रेन में ये 6 आदतें रखें नियमित

  1. खाना न छोड़ें: लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ लोगों में माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। नियमित और संतुलित भोजन बेहतर है।
  2. पर्याप्त पानी पिएं: डिहाइड्रेशन माइग्रेन का संभावित ट्रिगर है। पूरे दिन नियमित रूप से पानी लेते रहें।
  3. कैफीन में अचानक बदलाव न करें: बहुत अधिक कैफीन या अचानक कैफीन बंद करना कुछ लोगों में समस्या बढ़ा सकता है।
  4. नींद का समय नियमित रखें: बहुत कम या अनियमित नींद माइग्रेन के जोखिम को बढ़ा सकती है।
  5. अपने व्यक्तिगत फूड ट्रिगर पहचानें: चॉकलेट, प्रोसेस्ड मीट, MSG, अल्कोहल, कुछ चीज़ और अन्य खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में ट्रिगर हो सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के ट्रिगर अलग होते हैं। बिना जरूरत बहुत सारे खाद्य पदार्थ बंद करना उचित नहीं है।
  6. तनाव कम करें: नियमित हल्का व्यायाम, योग, ध्यान और पर्याप्त आराम माइग्रेन मैनेजमेंट का हिस्सा हो सकते हैं।
    पीरियड्स और माइग्रेन का रिकॉर्ड रखें
    महिलाएं कम से कम 2–3 महीनों तक एक डायरी में लिखें:
    पीरियड की तारीख | सिरदर्द की तारीख | नींद | पानी | भोजन | तनाव | दर्द की तीव्रता।इससे डॉक्टर को यह समझने में मदद मिल सकती है कि माइग्रेन का संबंध मासिक चक्र या किसी अन्य ट्रिगर से है या नहीं।
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