बारिश के मौसम में खान-पान का रखें विशेष ध्यान

सोनीपत।आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विक्रम ने कहा कि वर्षा ऋतु में हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी पेट संबंधी संक्रमण, गैस, अपच, बुखार तथा अन्य मौसमी बीमारियों का कारण बन सकती है। इसलिए इस समय संतुलित एवं ताज़ा भोजन करना अत्यंत आवश्यक है।डॉ. विक्रम ने बताया कि वर्षा ऋतु में हल्का, सुपाच्य एवं गर्म भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। मूंग की दाल, खिचड़ी, दलिया, हरी सब्जियाँ, अदरक, हल्दी, जीरा, अजवाइन तथा तुलसी का सीमित उपयोग पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीना और घर का ताज़ा भोजन करना भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बारिश के मौसम में बासी भोजन, सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, खुला भोजन, अत्यधिक तला-भुना एवं मसालेदार भोजन, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम तथा अन्य अत्यधिक ठंडी चीज़ों के सेवन से बचना चाहिए। भोजन से पहले हाथों की सफाई और स्वच्छ पेयजल का उपयोग संक्रमण से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है।डॉ. विक्रम ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक वैज्ञानिक जीवनशैली है। यदि हम ऋतु के अनुसार अपने खान-पान और दिनचर्या में आवश्यक परिवर्तन करें, नियमित योग एवं व्यायाम करें तथा पर्याप्त नींद लें, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि “आयुर्वेद अपनाएँ, संतुलित आहार लें और स्वस्थ जीवन की ओर सकारात्मक कदम बढ़ाएँ।”

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