पंचकूला , विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-26, पंचकूला में पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचकूला के महापौर श्याम लाल बंसल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर श्याम लाल बंसल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संजीव अग्रवाल एवं विद्यालय परिवार ने महापौर का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में महापौर श्याम लाल बंसल ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण, हरित वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आज हम पेड़-पौधों का संरक्षण करेंगे, अधिक से अधिक पौधारोपण करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जन्मदिन, पारिवारिक आयोजनों एवं अन्य विशेष अवसरों पर पौधारोपण करने तथा लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।विद्यालय के प्राचार्य संजीव अग्रवाल ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी यदि अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प ले, तो समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।कार्यक्रम में घनश्याम जी, सुशील जी, मीनाक्षी जी, दीपिका जी राकेश जी सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। एनसीसी कैडेट्स ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए प्रकृति की रक्षा के लिए सदैव सक्रिय रहने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जल संरक्षण, अधिक से अधिक पौधारोपण तथा स्वच्छ एवं हरित पंचकूला के निर्माण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है और आज का छोटा-सा प्रयास आने वाले कल को सुरक्षित एवं समृद्ध बना सकता है।









