‘परंपरा’ में कथक सम्राट पं. हजारी लाल गंगानी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि: गुरु-शिष्यों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

चंडीगढ़(तानिया रोहिल्ला)। रीतिका परफॉर्मिंग आर्ट्स सोसायटी की ओर से सेक्टर-38 सी स्थित रानी लक्ष्मी बाई ऑडिटोरियम में आयोजित ‘परंपरा – ए ट्रिब्यूट टू लेजेंडरी गुरु पं. हजारी लाल गंगानी’ कार्यक्रम में देश के महान कथक आचार्य पंडित हजारी लाल गंगानी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित इस आयोजन में कथक, संगीत और तबला वादन की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति राजन गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि प्रनीत सिंह सचदेवा (आईआरएस) रहे, जबकि अजय शर्मा (आईएएस) और भावना गर्ग (आईएएस) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर पं. हजारी लाल गंगानी के परिवार और शिष्यों ने उनके कला-साधना के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उनके ज्येष्ठ पुत्र पं. प्रेम शंकर गंगानी, पं. हनुमान प्रसाद गंगानी, गुरु पन्नालाल गंगानी, पं. धन प्रकाश गंगानी, विनोद गंगानी, पं. हेमराज वर्मा और राकेश परिहार सहित अनेक प्रतिष्ठित कलाकार एवं कला-प्रेमी मौजूद रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अमित गंगानी और अभिषेक गंगानी की शिष्याओं की सरस्वती वंदना एवं गायन प्रस्तुति से हुआ। पाहुलप्रीत, सुहानी शर्मा और आकांक्षा गुप्ता ने अपनी मधुर प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय बना दिया।इसके बाद वैदेही आनंद, सुचिस्मिता ओझा, डॉ. तृप्ता भाटिया, डॉ. दीपिका जेना, अंशु मित्तल, प्रियांशी गंगानी, कोहाना, मैरा, समायरा और गुड्डी रानी ने कथक की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर गुरु-परंपरा को नमन किया। तबला पर आमेय शंकर गंगानी ने प्रभावशाली संगत दी, जबकि शेखर गंगानी, आदित्य गंगानी, डॉ. मनोज कुमार, बंटी आर्य और शिवम गिल ने भी अपनी उत्कृष्ट कला से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।समापन पर वक्ताओं ने कहा कि गुरु पं. हजारी लाल गंगानी की कला, अनुशासन और परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

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