विश्व स्तनपान सप्ताह: समाज कल्याण विभाग ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया

पांचवा आयाम:चंडीगढ़ : (राकेश मिश्रा):विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 (1–7 अगस्त) के उपलक्ष्य में समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन ने PGIMER के बाल रोग विभाग के सहयोग से एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर, में लगभग 150 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Breastfeeding for a Sustainable Start in Life: Strengthen What Works” पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के ज्ञान एवं कौशल को सुदृढ़ करना था, ताकि स्तनपान की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके तथा मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार लाया जा सके।कार्यक्रम में समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सचिव श्री हरप्रीत सिंह सूदन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, विभाग के निदेशक श्री नवीन, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, PGMIR के विशेषज्ञ, सुपरवाइजर तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी भी उपस्थित थे।इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने चंडीगढ़ प्रशासन की ‘पोषण अमृत वन’ (ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन इनिशिएटिव) का अवलोकन किया तथा “माँ का दूध : पोषण, सुरक्षा और प्यार” शीर्षक से जागरूकता पुस्तिका का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने तथा छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सचिव श्री हरप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि स्तनपान बच्चों के बेहतर पोषण, उनके जीवन की सुरक्षा और आजीवन अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पोषण अभियान का वास्तविक दूत बताया। उन्होंने ‘पोषण अमृत वन’ तथा लाभार्थियों को अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराने जैसी चंडीगढ़ प्रशासन की पहलों का भी उल्लेख किया।अपने संबोधन में निदेशक श्री नवीन ने गुणवत्तापूर्ण पोषण सेवाओं, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE), वृद्धि निगरानी, पोषण परामर्श तथा पालना (क्रेच) योजना के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जमीनी स्तर पर आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।तकनीकी सत्रों के दौरान PGIMER के बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. भावनाीत भारती ने “Breastfeeding for a Sustainable Start in Life: Strengthen What Works” विषय पर व्याख्यान दिया। PGIMER के विशेषज्ञों ने स्तनपान परामर्श, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत, सही स्थिति एवं लगाव, स्तनपान से जुड़ी सामान्य समस्याओं के प्रबंधन, डोनर ह्यूमन मिल्क तथा कामकाजी माताओं के लिए सहायता संबंधी विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। वहीं, नीति आयोग, यू.टी. चंडीगढ़ की स्वास्थ्य एवं पोषण विशेषज्ञ तथा कार्यक्रम अधिकारी (योजना) डॉ. रचना ने एनीमिया मुक्त भारत 7×7×7 रणनीति के अंतर्गत संशोधित एनीमिया दिशानिर्देशों पर एक विशेष सत्र लिया।समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के दौरान चंडीगढ़ के सभी 450 आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता अभियान, परामर्श सत्र, सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि पोषण अभियान के अंतर्गत स्तनपान की सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके तथा मातृ एवं शिशु पोषण को और सुदृढ़ किया जा सके।

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