डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत के लोगों को आंडू पांडू समझकर विज्ञापन देती है जिनका कोई सर पर नहीं होता। कोल्ड ड्रिंक की कोई कंपनी कोल्ड ड्रिंक पीकर ऊंची पहाड़ी से कूदने को प्रोत्साहन देती है। कुछ कंपनियां कैफीन से भरे मीठे पानी को एनर्जी ड्रिंक कहकर बेच रही है। कानून का शिकंजा चलता है तो बड़े-बड़े वकील न्यायालय से सूट दिला देते हैं। जिस देश में 10 लख रुपए किलो वाला केसर₹5 वाले गुटके की पूरी में बिकता हो और उसकी विज्ञापन अच्छे खासे अभिनेता करते हो उसे देश के लोगो के स्वास्थ्य कब भगवान ही मालिक है।भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया के कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई थी। यह कार्रवाई उत्पादों की गुणवत्ता या सुरक्षा में खराबी के कारण नहीं, बल्कि पैकेजिंग और विज्ञापनों में “100% शुद्ध”, “100% प्राकृतिक” और “100% ऑर्गेनिक” जैसे भ्रामक व साबित न किए जा सकने वाले दावों के इस्तेमाल पर की गई थी।बैन का कारण और मुख्य बिंदुभ्रामक दावे: FSSAI के अनुसार, “100%” शुद्धता के दावे अस्पष्ट और बिना सत्यापन के होते हैं, जो उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं।प्रभावित उत्पाद: इस आदेश में शहद, गाय का घी, एप्पल साइडर विनेगर, नारियल पानी और नारियल तेल जैसे खाद्य उत्पाद शामिल थे।बिना अनुमति लोगो: कुछ उत्पादों पर वैध अनुमोदन के बिना ‘जैविक भारत’ (Jaivik Bharat) लोगो का उपयोग किया जा रहा था।







