पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या:भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (IRMS-ट्रैफिक) के 2022 एवं 2023 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने 104 सप्ताह का व्यापक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जनभवन, लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM), लखनऊ में प्रशिक्षणरत अधिकारियों की यह मुलाकात उनके प्रशिक्षण जीवन की महत्वपूर्ण स्मृतियों में शामिल रही।राज्यपाल ने अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई देते हुए कहा कि लोकसेवा केवल पद और अधिकार का दायित्व नहीं, बल्कि जनविश्वास की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन, समर्पण और संवेदनशीलता को सेवा का आधार बनाने पर जोर दिया तथा भारतीय रेल को अधिक सुरक्षित, कुशल, यात्री-केंद्रित और उत्तरदायी बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बदलते भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप रेलवे सेवाओं में निरंतर सुधार और नवाचार की भावना बनाए रखें। नागरिकों की जरूरतों को समझते हुए उच्च नैतिक मूल्यों के साथ कार्य करना ही लोकसेवा की वास्तविक पहचान है।इस प्रेरक संवाद ने अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के प्रति और अधिक सजग किया। राज्यपाल के संदेश ने उनके भीतर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत किया तथा प्रशिक्षण से मिले अनुभवों को जनहित में उतारने की प्रेरणा दी।प्रतिनिधिमंडल के साथ IRITM के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर, कोर्स निदेशक पी. पी. लाठे तथा प्रो. (वित्त) आस्थानंद पाठक उपस्थित रहे। परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने राज्यपाल के मार्गदर्शन एवं शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।104 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद IRMS (ट्रैफिक) के अधिकारी अब अपने आवंटित रेलवे जोन में पदभार ग्रहण कर व्यावसायिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे। IRITM, लखनऊ की ओर से प्रोफेसर (प्रशासन) कृष्णा तिवारी ने बताया कि संस्थान अधिकारियों को व्यावहारिक, व्यापक और भविष्य की रेल चुनौतियों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।







