राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान के विरोध में भाजपा का कैंडल मार्च

पंचकूला,(दिव्या राणा):80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान के विरोध में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता के निर्देशानुसार पंचकूला जिला अध्यक्ष अजय मित्तल की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज करवाया। कैंडल मार्च में महापौर श्यामलाल बंसल, चेयरमैन ओमप्रकाश देवीनगर, चेयरमैन बी बी सिंगल, कालका परिषद चेयरमैन कृष्ण लांबा, जिला महामंत्री जय कौशिक, भवनजीत सिंह सूदन, जिला पदाधिकारी, मंडलों के अध्यक्ष, भाजपा के तमाम नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल हुए।कैंडल मार्च पंचकूला के सेक्टर 7-8 की ट्रैफिक लाइट से शुरू होकर सेक्टर 17/18 चौक स्थित मेजर संदीप सागर स्मृति स्थल पर समाप्त हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत वन्देमातरम के सम्मान एवं स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों की स्मृति में नारे लगाए।इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजय मित्तल ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और देश के स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान असंख्य देशभक्तों में राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की भावना जगाई थी। ऐसे राष्ट्रगीत के प्रति किसी भी प्रकार का अनादर देशवासियों की भावनाओं को आहत करता है। अजय मित्तल ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी ने वन्दे मातरम गायन का अनादर करके अपनी कुंठित मानसिकता का परिचय दिया। अजय मित्तल ने मांग करते हुए कहा कि समूचे कांग्रेस नेतृत्व को अपने इस गैरसंवैधानिक और अशोभनीय कृत्य के लिए पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज़ करते हुए कहा कि देश के एक साधारण नागरिक को भी राष्ट्रगीत के प्रति शिष्टाचार की समझ होती है।महापौर श्यामलाल बंसल ने कहा कि जिस वंदे मातरम की प्रेरणा से स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष किया और असंख्य वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, उसके सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। राष्ट्रगीत का सम्मान किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान लाखो स्वतंत्रता सेनानियों और आज़ादी के अमर बलिदानियों का अपमान है।

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