डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि रिसर्चगेट पर पब्लिश स्टडी का कहना है कि जंग लगे और गंदे चाकुओं के इस्तेमाल से खाने में बैक्टीरिया और माइक्रोबायोलॉजिकल प्रदूषण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जंग लगा हुआ चाकू सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इस तरह के चाकू का इस्तेमाल करने से खाना दूषित हो जाता है जिसकी वजह से फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने हाल ही में गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के मुताबिक सभी फूड बिजनेस, होटल और रेस्टोरेंट के मालिकों के लिए सख्त आदेश जारी किया गया है। आदेश में बताया गया कि खाना बनाने के समय कटिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाला चाकू और ब्लेड पूरी तरह से साफ होना चाहिए। कई रेस्टोरेंट में देखा गया है कि जंग लगे, टूटे हुए या पेंट लगे हुए चाकू का इस्तेमाल हो रहा है जो लोगों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। जंग लगे हुए चाकू की सतह खुरदरी और पोरस हो जाती है जिसकी वजह से उस पर साल्मोनेला, ई कोलाई ओर क्लोस्ट्रीडियम बैक्टीरिया पनपने लगता हैं। जब आप साफ भी कर देते हैं। तब भी छिप बैक्टीरिया नहीं निकलते हैं। इस वजह से पेट दर्द, डायरिया, उल्टी की समस्या बढ़ जाती है।







